Thursday, June 25, 2020

वो बचपन के दिन..

ज़िंदगी के वो खुबसूरत पल
     जब भी मुझे याद आते हैं, 
आँखो में  ऑशु  और होठों पे हसी दे जाते हैं.
      वो नन्हा बचपन  वो छोटी सरारते ,
वो   बहिनों से लड़ना वो भाई से झगड़ना, 
      वो छोटी छोटी बात पर गुस्सा हो जाना, 
वो पापा का हसाना , वो माँ का मनाना, 
       वो मेरी हर जिद पापा का पूरा करना.
वो दोस्तो के साथ खेलने के लिए, 
     स्कूल न जाने के बहाने बनाना.
बचपन के वो दिन जब भी याद आते हैं , 
       बस एक पल में ही घर की सैर कराते हैं.
ज़िंदगी के वो खुबसूरत पल जब भी याद आते हैं, 
       आँखो में आसु और होठों पे हसी दे जाते हैं... 

अस्तित्व औरत का 👩

औरत एक माँ हैं एक पत्नी हैं एक सास हैं।     औरत तो जिन्दगी जीने का एहसास हैं।  औरत को पैरो की धूल समझना इंसान की भूल हैं।     और...