Tuesday, September 14, 2021

मेरी जंग

कौन कहता है अकेले हूं मैं,मेरे साथ मेरा रब हैं, 
   अपनो ने छोड़ दिया साथ, अब रब ही मेरे सब है। 
    माना के चैलेंज बहुत हैं पर मुझे हर चैलेंज को एक्सेप्ट करना हैं।
हटाने हैं रास्तों में पड़े पत्थर सारे,अब नहीं मुझे मुश्किलों से डरना है। 
ज़िंदगी की डोर इतनी कच्ची तो नहीं की हार मान लू, 
   लोगो की सुनू और अपने  सपनो को टाल दू।
कोशिश ना करू तो शिकायत रहेगी जिंदगी भर, 
   सुना है  कोशिश करने वाले कभी हारते नहीं है
डटकर करते हैं सामना मुश्किलों का, मुसीबतों से भागने नहीं है। 
उतार चढ़ाव तो जिंदगी के रात और दिन है,
   जिनके बिना जिंदगी में  खुशियां नामुमकिन है। 
चैलेंज ना होते तो किसी गोल की कोई इंपोटेंस ना होती, 
   हर कोई पा लेता मंजिल पर उसकी कदर ना होतीं। 
बढ़ा लिया है कदम अब ना पीछे हटाना है, 
     डट कर करना है सामना और मुश्किलों को हराना है। 
बस अब मुझे अपनी मंजिल को पाना हैं। 
  

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