पहुंचते-पहुंचते मंजिल तक मुश्किलें बहुत बढ़ेगी
ना कदम डगमगाना ,ना पीछे कदम हटाना
हर मुश्किलों को तुम हौसलो से डराना
मंजिल को तुम अपनी निगाहों में बसा लेना
बस मेहनत और लगन से आगे बढ़ते जाना
मिलेगी मंजिल तुमको ,सफलताएं कदम चूमेगी .
दिन वो भी आयेगा जब कायनात भी झूमेंगी..
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