कुछ इस तरह सपने सजाए हैं ।
कुछ अलग कर दिखाने की मन में
जज्बे कई जगाये हैं ।
ना रोक पायेगा अब यह जमाना
कदम आगे मैंने बढ़ाए हैं ।
माना कि आसान नहीं होता
अपने सपनों को पूरा कर दिखाना ।
कदम कदम पर है चुनौतियां
फिर भी नहीं है मुझे डगमगाना ।
अब निकल गयी हू एक नई तलाश में जिंदगी की
मुझे तो बस मंजिल को है पाना।
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