Monday, October 4, 2021

अस्तित्व औरत का 👩

औरत एक माँ हैं एक पत्नी हैं एक सास हैं। 
   औरत तो जिन्दगी जीने का एहसास हैं। 
औरत को पैरो की धूल समझना इंसान की भूल हैं। 
   औरत ही बेटी हैं और घर का नूर हैं 
बड़े प्यार से पालपोश कर पड़ा लिखाकर बड़ा किया , 
फिर एक दिन किसी अजनबी से ब्याह कर दिया। 
ना अपने सपने होते औरत के ना सपने देखने का हक, 
चुला चौकी मैं कट जाती ज़िंदगी बाकी बच्चो के संग। 
हमेशा सबका ख्याल रखती, दुःख दर्द सब चुपचाप सहती। 
सबसे जल्दी उठती, सबसे देर में सोती। 
सपने सारे टूट जाते, जब शादी कर दूसरे घर में आती। 
मायका कहे पराया धन, ससुराल कहता दूसरे घर से आई। 
क्यों नहीं समझते लोग के लड़की के बिना मायके की खुशिया अधूरी, 
और बहू बिना  हैं ससुराल अधूरा। 
दोनों घरों की खुशिया हैं औरत से, जानेगा एक दिन संसार ये पूरा। 


Tuesday, September 14, 2021

मेरी जंग

कौन कहता है अकेले हूं मैं,मेरे साथ मेरा रब हैं, 
   अपनो ने छोड़ दिया साथ, अब रब ही मेरे सब है। 
    माना के चैलेंज बहुत हैं पर मुझे हर चैलेंज को एक्सेप्ट करना हैं।
हटाने हैं रास्तों में पड़े पत्थर सारे,अब नहीं मुझे मुश्किलों से डरना है। 
ज़िंदगी की डोर इतनी कच्ची तो नहीं की हार मान लू, 
   लोगो की सुनू और अपने  सपनो को टाल दू।
कोशिश ना करू तो शिकायत रहेगी जिंदगी भर, 
   सुना है  कोशिश करने वाले कभी हारते नहीं है
डटकर करते हैं सामना मुश्किलों का, मुसीबतों से भागने नहीं है। 
उतार चढ़ाव तो जिंदगी के रात और दिन है,
   जिनके बिना जिंदगी में  खुशियां नामुमकिन है। 
चैलेंज ना होते तो किसी गोल की कोई इंपोटेंस ना होती, 
   हर कोई पा लेता मंजिल पर उसकी कदर ना होतीं। 
बढ़ा लिया है कदम अब ना पीछे हटाना है, 
     डट कर करना है सामना और मुश्किलों को हराना है। 
बस अब मुझे अपनी मंजिल को पाना हैं। 
  

Monday, August 30, 2021

प्यारो पहाड़ मेरो

भली भली म्यार पहाड़ में हरियाली छू
     उच्च निच्च डनॉ खानोक बात बड़ी निराली छू। 
खटटे मीट्ठे फलफुले कि या भोते बछारे छू , 
      देवी देवताओंक वास छु या गंगा की बहारे छू। 
प्यार बसी छू सबुके मन मा एक दुसरेक फिकर छू, 
     भलो भोल् म्योर पहाड़क रीति रिवाज छू।
त्यार व्यारो में सब मिलजुल बेर त्यार मनूनी, 
       मिलजुल बेर दगड़ मंदिर जानी भगवानों के पूजनी।
म्यर् पहाड़ में ठण्डी हवा छ ठण्डो ठण्डो पाडी, 
       जब ले आला मेरो पहाड़ सूनला कई कहाँड़ी। 
 हरि भरी पहाड़ छ म्यर् या भोते छु हरियाली, 
        ठण्डो मीठो पाडी और याक् छू बात निराली। 




Friday, August 27, 2021

एक नई शुरुआत

लो कर लिया मैंने सफर शुरू नया
              कुछ इस तरह सपने सजाए हैं । 
कुछ अलग कर दिखाने की मन में
                जज्बे कई जगाये हैं । 
ना रोक पायेगा अब यह जमाना
              कदम आगे मैंने बढ़ाए हैं । 
माना कि आसान नहीं होता
             अपने सपनों को पूरा कर दिखाना । 
कदम कदम पर है चुनौतियां 
           फिर भी नहीं है मुझे डगमगाना । 
अब निकल गयी हू  एक नई तलाश में जिंदगी की 
             मुझे तो बस मंजिल को है पाना। 
 

Sunday, July 12, 2020

मुश्किलें तो आती हैं..

चलते चलते राहों में कांटे बहुत मिलेंगे 
पहुंचते-पहुंचते मंजिल तक मुश्किलें बहुत बढ़ेगी 
ना कदम डगमगाना ,ना पीछे कदम हटाना
 हर मुश्किलों को तुम हौसलो से डराना 
मंजिल को तुम अपनी निगाहों में बसा लेना
 बस मेहनत और लगन से आगे बढ़ते जाना
 मिलेगी मंजिल तुमको ,सफलताएं कदम चूमेगी . 
दिन वो भी आयेगा जब कायनात भी झूमेंगी.. 

Monday, June 29, 2020

मैं पैसा हूं




                    मैं पैसा हूं बताओ मैं कैसा हूं .. 

 एक गरीब की झोपड़ी में या,
          किसी अमीर के महल लॉकरो में,
           मैं बड़े शान से रहता हूं मैं पैसा हूं..
   मेरे लिए सब मेहनत करते, 
   मुझे पाने को सब बेचैन रहते.

   कोई रातों की नींद खो देता, 
      कोई दिन का चैन भी खोता है..
    जिसे भी देखो इस संसार में, मेरे लिए ही रोता है ..

    किसी के पास में मेहनत से जाता, 
   कोई छल कपट से मुझे पाता है..
        मेरी चाहत में कोई इतना गिर जाता,
     कि अपनों का खून भी बहाता है..
      देख मानव की यह दशा ,  मुझे भी रोना आता है ..


                              मैं तो बस जरिया हूं दो वक्त की रोटी का 
                         भूखे की भूख मिटती प्यासे की प्यास 
                                       बस कुछ समय तक रहता हूं मैं किसी के पास 
            क्यों लोग इतना भागते हैं मेरे पीछे,  क्यों अपनों को खो देते हैं..

              मैं साथ नहीं जाता किसी के, 
       क्यों समझ नहीं पाते हैं ..
              क्यों दूसरों को दुख पहुंचाते ,
         क्यों पैसा पैसा करते हैं .
            बड़ा दुखी होता हूं मैं कि,
                लोग मेरे लिए लड़ते झगड़ते हैं..
                              मैं पैसा हूं बताओ मैं कैसा हूं मैं पैसा ही हूं...

अनमोल होते हैं रिश्ते

 
 
रिश्ते जीवन का आधार है ,
रिश्तो में ही अपनों का प्यार है .
यूं तो रिश्ते होते हैं कई प्रकार के, 
जिन रिश्तो में प्यार विश्वास और सम्मान हो ,
वही रिश्ते अपनों की पहचान हैं ..
रिश्ता खून का या जज्बात का होता है, 
जो रिश्तो को बनाए रखें वह विश्वास होता है..
अटूट रिश्ते भी दम तोड़ देते हैं कभी, 
जब रिश्तो में झूठ और विश्वासघात होता है ..
बात अगर अपनों की करें तो,
 रिश्तो से ही अपना संसार होता है.
सुख हो या हो दुख साथ में परिवार होता है..
बड़ी से बड़ी मुश्किलें भी आसान लगती है, 
जब बड़ों का सर पर हाथ होता है..
सम्मान करते बड़ो का और छोटों से प्यार होता है ,
जिस घर में होती माता पिता की सेवा उस घर में साक्षात भगवान होता है ..
रिश्तो की कीमत उनसे जाने जिनका दुनिया में कोई नहीं होता,
हासिल कर ले चाहे कितनी भी सफलताएं, 
खुशी में तो सब आ जाते हैं ,
पर दुख में कोई साथ ना रहता..
सब कुछ होता है पास में ,
फिर भी मन में सुकून ना होता..
रिश्तो के बिना कोई जीना नहीं होता, रिश्तो में हो अगर मिठास तो कोई भी रिश्ता अधूरा नहीं होता....

अस्तित्व औरत का 👩

औरत एक माँ हैं एक पत्नी हैं एक सास हैं।     औरत तो जिन्दगी जीने का एहसास हैं।  औरत को पैरो की धूल समझना इंसान की भूल हैं।     और...